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– फोटो : फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सात साल बाद बेटी को सामने देख एक पिता फूट-फूटकर रोया। मामूली विवाद के बाद पत्नी से अलग रह रहे थल सेना के एक सैनिक ने एक ही बार में सारे गिले शिकवे दूर कर लिए। बेटी की बातों के बीच दंपती एक साथ रहने को राजी हो गए। यह नजारा वहां जिस किकसी ने भी देखा उसकी आखें नम हो गईं। दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया गया।
करहल थाना क्षेत्र के सिरसागंज रोड निवासी अर्चना यादव की शादी कौशल यादव निवासी भूटाताल थाना चकरनगर जिला इटावा के साथ हुई थी। सात साल पहले दंपती के बीच हुए विवाद के बाद कौशल ने अर्चना को घर से निकाल दिया था। अर्चना ने कौशल के खिलाफ थाना करहल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने भेजी गई चार्जशीट के बाद सीजेएम भूलेराम ने मुकदमे में दंपती के बीच समझौता कराने के लिए फाइल को मीडिएशन सेंटर में भेज दिया। मीडिएटर संजय चौहान को दंपती के बीच समझौता कराने की जिम्मेदारी दी गई। नोटिस के कौशल यादव सेंटर में हाजिर हुए। उनकी तैनाती थल सेना में जम्मू कश्मीर में है।
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मीडिएशन सेंटर में तारीख करने के लिए अर्चना अपनी सात साल की बेटी राधिका के साथ पहुंची। बेटी भी जन्म के बाद पहली बार अपने पिता से मिली। बेटी ने अपने पिता से बात की तो पिता फूट-फूटकर रोने लगा। उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। कौशल सारे गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को राजी हो गया। समझौता होने पर दंपती को सेंटर से ही विदा कर दिया गया।
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